रास्ते बहुत हैं,बस तूं ग़ौर करके देख, मंजिल मिल ही जाएगी कुछ और करके देख। वक्त का पहिया यूं ही गतिमान रहेगा, सदियों की तरह जी कर इसे दौर करके देख। सफर आसान है सुनसान सड़क पर भी, कुछ गुनगुना आहिस्ते से ज़रा शोर करके देख। सीख जाएगा असफलताओं से भी, बस खुद को आखिरी हद तक बोर करके देख। कोशिशें जारी रहेंगी, हिम्मतें तुझ पर भारी रहेंगी, दम लगा,दौड़ लगा,तूं जोर करके देख।
आज यूं ही बैठे थे उस दरख़्त की छांव में, कुछ पत्ते उड़कर आ गए पाँव में। तब जाकर पता लगा वो भी किसी से जुड़े थे, किसी अपने की तलाश में फिर हवा में उड़े थे। एक खोने का गम,जो है वो भी लगे कम, न जाने क्यों इसी कश्मकश में उलझे से हैं हम।
Bhot khoob
ReplyDeleteThank you so much ekta ji🍫🍫🌺🌺
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