पास आने की कोशिशें
पास आने की कोशिशें जारी रख,
यूं इस तरह मुझे खुद से दूर न कर।
चाहते बेशुमार की हैं पूछ अपने दिल से कभी,
टूट तो चुकी हूं और चूर चूर न कर।
हां प्यार का कुछ हिस्सा ही कुबूल है हमें,
वो भी चाहे भरपूर न कर।
अरे इतना भी जज्बाती नहीं हम,
ये नासमझी तो हुजूर न कर।
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