बचपन

खुबसूरत बचपन याद आता है,
क्यों न कुछ मनमर्जी हो जाए।
मिल जाए उस दौर में जाने का रास्ता,
कुछ खुदा से यूं अर्जी हो जाए।
एहसास उम्र का न हो एक पल के लिए,
दौलत शोहरत हर चीज हमारे लिए फर्जी हो जाए।

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